जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय पंचवदनाय दक्षिण मुखे
कराल बदनाय नारसिंहाय सकल भूत प्रेत दमनाय
रामदूताय स्वाहा |
श्री हनुमान मंदिर हाईस्कूल देवीखाळ कोठा,जिसकी स्थापना ही विधालय बनने से पहले इसलिए की गई ताकि उस विरान जगह में जो भी नकारात्मक ऊर्जा या असुर शक्तियों का वास है, उनका नाश हो और भूमि का सदुपयोग करते हुए क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की शिक्षा के लिए मां सरस्वती के मंदिर विधालय का निर्माण हो सके।
गहरी आस्था,श्रद्धा और विश्वास यह हमारे धर्म की विशेषता है।
ऐसा ही हुआ इस विरान पड़ी जगह पर संकट मोचन हनुमान जी के मंदिर की स्थापना के पश्चात चार कक्षों वाला कार्यालय सहित पहाड़ी शैली में सुन्दर विधालय का निर्माण हुआ।
शिक्षा सत्र की शुरुवात हुई आसपास गांवों के सभी बच्चे 6वीं से 8वीं तक की शिक्षा गृहण करने हेतु यहां आने लगे।
समय के साथ-साथ विधालय का नव निर्माण और जनता की मांग पर सरकार द्वारा विधालय को 10वीं तक कर दिया गया।
बड़ी ही विडंबना है जिस मंदिर के सहारे और गहरी आस्था,विश्वास के साथ हमने इस विधालय की स्थापना की उस मंदिर के रखरखाव को लेकर।
ऐसे समय में जब घरों-घरों में भजन कीर्तन,गांवों-गांवों में श्रीमदभागवत कथाओं का आयोजन हो रहा है लोग बढ-चढ़कर इन आयोजनों में भाग ले रहे हैं ऐसे में इस मंदिर की दुर्दशा देखकर विश्वास नही होता कि लोगों के मन में सच में इतनी श्रद्धा और अपने धर्म के प्रति इतना समर्पण भाव है। अगर होता तो आज इस मंदिर की यह दशा नही होती।
ललितपुर से लेकर तिमलाखोली,कोठा से लेकर थबड़िया मल्ला और तल्ला व आसपास के सभी सम्मानित शिक्षित वर्ग के लोगों को आगे बढकर इस पर सोचना होगा और इस मंदिर का विधिवत् जीर्णोद्धार करना होगा।
मंदिर को देखकर मुगलकाल के हिन्दू मंदिरों की स्थिति का आभास हो रहा है।
जय श्रीराम जय हनुमान
जगमोहन पटवाल
थबड़िया मल्ला

