गौलीखाल, तहसील धुमाकोट,जिला पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में घटित अमानवीय घटना से मन बहुत दुखी हुआ।
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जय माँ भगवती कालिंका
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गौलीखाल, तहसील धुमाकोट,जिला पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में घटित अमानवीय घटना से मन बहुत दुखी हुआ।
इस समय कोरोना जैसी गंभीर समस्या में स्वास्थ्य से संबंधित सभी कर्मचारियों,डाक्टरों से बड़ा कोई नही हो सकता। ऐसे में आदरणीय आशा कार्यकत्री,स्वास्थ्य कर्मी श्रीमतीआशा देवी जी द्वारा दिलशाद खान को पूछा गया प्रश्न उचित था और उसके द्वारा महिला स्वास्थ्य कर्मी के प्रति किया गया अव्यवहार दंडनीय है।
मित्रों इस दुस्साहसिक काम को करने के बाद उसका साथ देने वाले उन गद्दार जयचंदो को पहचाने इनके अंदर की ईर्ष्या और लोभ को पहचानें और उनका नाम और फोटो शोशल मीडिया पर डालें ताकि हम सभी अपने क्षेत्र और क्षेत्रवासियों की रक्षा कर सके।
पोस्ट को उस क्षेत्र तक पहुंचाएं।
एक और बात सोचने और समझने वाली है जब लाॅकडाउन के समय प्रतिदिन यह व्यक्ति काशीपुर से धुमाकोट, गौलीखाल आना-जाना कर रहा है तो सामान्य दिनों क्या करता होगा। माना ये महीने में 10 दिन भी आना जाना करता है तो ड्यूटी सामान्यतः आठ घंटे की होती है,काशीपुर से धुमाकोट की दूरी×2,+पेट्रोल के दाम+गाड़ी का ऐवरेज(औसत)+समय। बच्चे भी होंगे,अन्य खर्चे।
कब ड्यूटी आता है कब जाता है कितना वेतन है जो काशीपुर से इतनी महंगाई में प्रतिदिन आना जाना कर रहा है। क्षेत्र की जनता इसके कार्य से कितनी संतुष्ट है।
ये सभी जांच के विषय है,इसकी जांच सरकार को करके जनता को बताना होगा कि इसके ऊपर किसका आशिर्वाद है।
जगमोहन पटवाल
थबड़िया मल्ला

