आचरण में सुधार करते रहने से ग्रहदशा में सुधार आता जाता है, हमारा आचरण ही उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का मार्ग है।
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आचरण में सुधार करते रहने से ग्रहदशा में सुधार आता जाता है, हमारा आचरण ही उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का मार्ग है।
१) धर्मस्थल, उपासना स्थल🛕 मंदिर आदि की सफाई करने से बृहस्पति बहुत अच्छे फल देगा।
२) अपनी झूठी थाली या बर्तन उसी जगह पर छोड़ना -सफलता मे कमी..।
३) झूठे बर्तन को उठाकर जगह पर रखते है या साफ़ कर लेते है तो चन्द्रमा , शनि ग्रह ठीक होते है।
४) देर रात जागने से चन्द्रमा अच्छे फल नहीं देता है।
५) आगंतुक को या अपने ही घर के सदस्य को स्वच्छ जल प्रस्तुत करने से राहू का बुरा प्रभाव कम होता जाता है।
६) पाकशाला, रसौड़ा (रसोई) को मलिन रखने से मंगल ग्रह सम्बधी समस्याएं आती हैं, रसोई हमेशा साफ़ सुथरी रखेंगै तो मंगल ग्रह ठीक होता जाता है।
७) घर में सुबह उठकर पौधों को जल देने का नियम बुध, सूर्य, शुक्र और चन्द्रमा मजबूत होता है।
८) पैर घसीट कर न चलें इससे का राहू का बुरा प्रभाव होता है।
९) जो स्नानघर (बाथरूम) में वस्त्र इधर-उधर फेंक देते है, बाथरूम में पानी बिखराकर आ जाते है तो चन्द्रमा अच्छे फल नहीं देता है।
१०) जो बाहर से आकर अपने चप्पल , जूते , मोज़े इधर उधर फेंक देते है उन्हें शत्रु परेशान करते है। पादुकाओं को बायीं ओर ठीक से उतारे।
११) राहू और शनि ठीक फल नही देते है जब हम बिस्तर नहीं समेटते। फैला हुआ बिस्तर, बिस्तर पर सलवटे ,चादर, तकिया यदि अव्यस्थित है तो धन नाश निश्चित है।
१२) चीख चिल्ला कर बोलेने से शनि का दुष्फल मिलता है।
१३) वरिष्ठजनों/वृद्धजनों के आशीर्वाद से घर में सुख समृद्धि बढती है तथा गुरू ग्रह अच्छा होता है। अतः वरिष्ठजनों को सम्मान दें, उनकी आवश्यकता को समझें।
१४) दो झाडुओं (brooms) को कभी भी एक संग न रखें कलह का कारक है यह और कार्य के उपरांत उनको ऐसे स्थान पर रखें कि झाड़ू किसी भी क्षण दिखाई न दे। (वास्तु के अनुसार झाड़ू को दक्षिण पश्चिम दिशा के किसी कपाट के पीछे रखना उचित स्थान है)
१५) कपाट (doors) कभी पांव से बन्द न करें न ही खोलें और दहलीज पर पांव न पटकें (चप्पल न झाड़ें)
१६) प्रातः काल आंगन में जल छिड़कें ( जल हल्दी मिश्रित हो तो अति उत्तम रहेगा)
अपने परिजनों को नेगीदा लखोरिया की यह बात समय समय पर बताते रहें।
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श्रेय- नेगी दा लखोरिया
गांव- मल्ला लखोरा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड

