जय माँ भगवती महाकाली कालिंका
महाकाली मंदिर परिसर ऊँची पहाणी पर होने के कारण पेयजल की सुविधा एक बहुत बडी चुनौंती थी! फिर भी महाकाली मंदिर निर्माण समिति ने सन् १९९३-९४ को मंदिर
परिसर मे जल आपूर्ति हेतु एक विशेष मीटिंग रखी जिसमे मंदिर परिसर ने पानी की टंकी बनवाने का निर्णय लिया गया था। सर्त ये थी कि टंकी दिखाई नही देनी चाहिए!
जिसका ठेका #स्व०_श्री_बच्चनसिह_रावत जी (मवाणबाखली) को दिया गया था। फिर उन्होने एक भूमिगत (Underground) टंकी बनाई। जिसको मेला (जतोडे) के दौरान भरने का कार्य मंदिर समिति और श्रध्दालुओं की स्वेईच्छा अनुसार खच्चरों से भरी जाती थी।
तद् पश्चात समय बीतता और बदलता गया कार्य करने की नीतियों मे बदलाव आया और बदलते समय के दौरान सन् २०१५ मे #स्व०_श्री_जयसिह_मोहर_नेगी जी के पुत्र #श्री_आन्नदसिह_मोहर_नेगी जी ग्राम मल्ला लखोरा (मोहर गाँव) ने पम्प मोटर के माध्यम् से (महाकाली मंदिर निर्माण समिति के सहयोग के साथ) मिलकर मंदिर प्रांगण तक पानी व्यवस्था उपलब्ध कराई! जिसके पश्चात मंदिर प्रांगण मे प्रयाप्त पानी उपलब्ध हो रहा है! साथ ही साथ खीली ढैय्या से मंदिर तक बुल्डोजर के माध्यम् से चौडी रोड खुदवा कर बुजुर्ग श्रध्दालुओ़ के लिए आन्नदमय यात्रा का शुभारम्भ किया! महाकाली मंदिर निर्माण समिति #श्री_आन्नदसिह_नेगी जी की भक्तिभाव एवं माँ भगवती की सेवाभाव मे सहहृदय आभार एवं धन्यवाद करती है।
धन्यवाद

